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पंचांग — एक सरल परिचय

पंचांग — एक सरल परिचय 📌 पंचांग क्या है?पंचांग एक पारंपरिक भारतीय खगोलीय कैलेंडर है, जो समय गणना के पाँच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण पर आधारित होता है।यह वैदिक ज्योतिष पर आधारित है और प्राचीन काल से शुभ मुहूर्त, धार्मिक कार्यों, तथा समय निर्धारण के लिए उपयोग...

राम रक्षा स्तोत्र

राम रक्षा स्तोत्र क्या है, इसकी रचना किसने की और क्या हैं इसके नित्य पाठ के लाभ?राम रक्षा स्तोत्र आनंद रामायण से लिया गया है।इसे सर्वप्रथम भगवान शिव ने बुधकौशिक ऋषि को स्वप्न में उपदेश किया था तथा सुबह जागने के बाद ऋषि ने इसे संस्कृत भाषा में लिपिबद्ध किया था।...

श्री सर्वतोभद्र महायंत्र

श्री सर्वतोभद्र महायंत्र – बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश• जीवन में आने वाली अदृश्य बाधाएँ और रुकावटें दूर होती हैं।• नकारात्मक ऊर्जा, ग्रहदोष और वास्तुदोष का प्रभाव कम होता है। ⸻ शांति, संतुलन और सामंजस्य प्रदान करता है• मानसिक शांति मिलती है और मन स्थिर रहता है।•...

सूर्य के कमजोर होने से,जीवन अस्त हो जाता है

सूर्य के कमजोर होने से,जीवन अस्त हो जाता है राजा यदि कमजोर होंगा तो राज्य तो डूब ही जायेगा, कुंडली में सूर्य को राजा की पदवी प्रदान की गयी है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा एवं पिता का प्रतिनिधित्व करता है। सूर्य द्वारा ही सभी ग्रहों को प्रकाश प्राप्त होता है और...

वाणीदोष

#वाणीदोष वाणी दोष का मतलब आपकी body और brain मे तालमेल ना बैठना । वाणी दोष होने पर आप अपनी अभिव्यक्ति नहीं कर पाते है। विचारो की अभिव्यक्ति #वाणी द्वारा ही होती है। ये तालमेल लिखने मे बोलने मे relationship मे या life मे thoughts मे और जुबान मे तालमेल ना बैठना...

कालभैरव अष्टमी

कालभैरव अष्टमी मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने कालभैरव का अवतार लिया था। इसलिए इस पर्व को कालभैरव जयंती को रूप में मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 12 नवम्बर, बुधवार को है। भगवान कालभैरव को तंत्र का देवता माना गया है। तंत्र शास्त्र के अनुसार,किसी भी सिद्धि के लिए भैरव...