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प्रश्र-विचार

प्रश्र-विचारजिस समय किसी भी कार्य के लाभालाभ, शुभाशुभ जानने की इच्छा हो उस समय का लग्न निकाल कर प्रश्र कुण्डली बना लेनी चाहिए, साथ ही ग्रह स्पष्ट, भाव स्पष्ट, नवमांश कुण्डली तथा चलित कुण्डली बनाकर शुभाशुभ विचार करना चाहिए।ग्रहावस्थाप्रश्र कुण्डली में ग्रहों की अवस्था...

प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत===^^^==== प्रदोष व्रत में भगवान शिव की उपासना की जाती है. यह व्रत हिंदू धर्म के सबसे शुभ व महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है. हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार प्रदोष व्रत चंद्र मास के 13 वें दिन (त्रयोदशी) पर रखा जाता है. माना जाता है कि प्रदोष के दिन भगवान शिव...

व्यक्ति के चरित्र और स्वभाव पर वारो एवं जन्मतिथि का प्रभाव

व्यक्ति के चरित्र और स्वभाव पर वारो एवं जन्मतिथि का प्रभाव वारो का जातक के स्वभाव पर प्रभाव सप्ताह में कुल सात दिन या सात वार होते है। हम सभी लोगों का जन्म इन सातों वारों में से किसी एक वार को हुआ है। ज्योतिषशास्त्र कहता हैं, वार का हमारे व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव...

दिन और रात में जन्म समय का व्यक्तित्व पर प्रभाव

दिन और रात में जन्म समय का व्यक्तित्व पर प्रभाव=============================ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार दिन और रात में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव और प्रकृति पर भिन्न-भिन्न होती हैं। क्योकि दिन के समय सूर्य देव अपनी किरणों के साथ धरती को अपने तेज से रौशन करते हैं...

कर्ज और ज्योतिष

कर्ज और ज्योतिष🌼🌻🌼🌻🌼🌻 कर्ज एक ऐसा दलदल है, जिसमें एक बार फंसने पर व्यक्ति उसमें धंसता ही चला जाता है। ज्योतिष शास्त्र में षष्ठम, अष्टम, द्वादश भाव एवं मंगल को कर्ज का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल के कमजोर होने पर या पाप ग्रह से संबंधित होने पर या अष्टम, द्वादश, षष्ठम...

कर्पूर

कर्पूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के समक्ष कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। अत: प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कर्पूर (कपूर) जरूर जलाएं।पितृदोष और कालसर्पदोष से मुक्ति हेतु : कर्पूर जलाने से...