AstroShaliini
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चंद्रमा और ज्योतिष
चंद्रमा और ज्योतिष=^=========^=ज्योतिष मे चंद्र को माँ का कारक कहा गया है ।चन्द्रमा के अधिदेवता भी शिव हैं ।चन्द्रमा मां का सूचक है और मन का कारक है. इसकी राशि कर्क है. कुंडली में चंद्र अशुभ होने पर माता को किसी भी प्रकार का कष्ट या स्वास्थ्य को खतरा होता है, दूध देने...
संपत्ति
किसी व्यक्ति की संपत्ति का विश्लेषण करने के लिए कुंडली के चतुर्थ भाव का अध्ययन किया जाता है। चतुर्थ भाव अचल और चल संपत्तियों का मुख्य भाव है। इसी भाव से संपत्ति की खरीद और बिक्री दोनों को देखा जा सकता है। पाराशर होरा शास्त्र को वैदिक ज्योतिष की भागवत गीता माना जाता है...
कालसर्प
।। जय श्री महाकाल ।। अक्सर लोग राहु या केतु से डरे रहते हैं। राहु और केतु के कारण ही कालसर्प दोष निर्मित होता है। पुराणों अनुसार पितृदोष या प्रारब्ध के कारण कालसर्प योग बनता है। कालसर्प योग भी मुख्यत: 12 तरह के माने गए हैं। राहु का नकारात्क प्रभाव :काला जादू, तंत्र,...
जीवनसाथीकाअफेयरहैयानही
|#जीवनसाथीकाअफेयरहैयानही?| आपका जीवनसाथी किसी के साथ Extra Marrital Affair में रहता है जिस कारण आपका वैवाहीक जीवन दिक्कत में चल रहा है तब इसका सीधा मतलब है आपकी कुंडली का 7वा भाव पाप ग्रहो से पीड़ित है और आपके जीवनसाथी की कुंडली मे Extra Martial Affair योग बने हुए है...
Gulik गुलिक
यदि गुलिक लग्न में है तो जातक/जातिका क्रूर किंतु भीरु स्वभाव, चोर, विनय रहित, इकहरा बदन (रुग्यता को छोड़कर), नेत्र विकार, अल्प संतति, अल्प बुद्धि, अल्पायु, वेद शास्त्र विरुद्ध, क्रोधी व मूर्ख होता है। - यदि गुलिक दूसरे भाव में है तो कलही, धन धान्य की कमी रहे, परदेश...
ज्योतिष के 9 उपग्रह परिचय एवं फल
ज्योतिष के 9 उपग्रह परिचय एवं फल भारतीय वैदिक ज्योतिष के ग्रंथो में मुख्य रूप से नव उपग्रहों का वर्णन मिलता है। ग्रहो का ग्रह ही उपग्रह कहलाता है। जिस प्रकार ग्रह जिस भाव में होता है अपने सामर्थ्यानुसार उस भाव से सम्बंधित फल देता है उसी प्रकार उपग्रह भी जन्मकुंडली के...
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