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AstroShaliini

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वास्तु -ज्ञान

👉वास्तु -ज्ञान दक्षिण-पश्चिम दिशा में न करवाएं ये काम वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर दक्षिण-पश्चिम दिशा मे मंदिर या पूजा घर बिल्कुल नहीं बनाना चाहिए. माना जाता है कि इस दिशा में स्थापित देवी-देवता से पूजा का फल नहीं मिलता है. इस दिशा में मन एकाग्र नहीं रहता है जिसकी वजह...

तुलसी नामाष्टक

तुलसी विष्णु प्रिया हैं। कार्तिक में तो तुलसी पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। अगर कोई अपने मन की बात, भगवान को सीधे न कह सके, तो वह तुलसी के माध्यम से अपनी बात, भगवान तक पहुंचा सकता है। भगवान कृष्ण भी किसी की बात सुनें या न सुनें, लेकिन तुलसी जी की बात, हर हाल में...

भैया दूज

*भैया दूज *पौराणिक मान्यता के अनुसार, भाई दूज की कथा सूर्य देव और छाया के पुत्र यमराज और पुत्री यमुना पर आधारित है. यमुना अपने भाई यमराज से बहुत बार प्रेमपूर्वक निवेदन करती थी कि वह उसके घर आकर भोजन ग्रहण करें. परंतु यमराज अपनी व्यस्तता के चलते यमुना के घर नहीं जा...

लक्ष्मी जी की पूजा

माता लक्ष्मी की सामान्य पूजा उपचारों गंध, अक्षत, फूल, फल अर्पित कर धूप और घी का दीप (घी का दीपक पूरी रात जल सके) लगाने के बाद लक्ष्मी स्तुति का पाठ करें। माँ लक्ष्मी को बताशा, पान, मखाना या मखाने की खीर, सिंगाड़ा फल जरूर अर्पित करें। बाद में स्वयं भी प्रसाद रूप में...

धनतेरस

धनतेरस के दिन यानि धन त्रयोदशी के दिन पढ़े पौराणिक-स्तवन-मंत्र-स्तोत्र जिसके जाप से मिलेगा धन, आरोग्य, सुदंरता और समृद्धि का आशीर्वाद।शंखं चक्रं जलौकादधतम्-अमृतघटम् चारूदौर्भिश्चतुर्भि:।सूक्ष्म स्वच्छ अति-हृद्यम् शुक-परि विलसन मौलिसंभोजनेत्रम्।।कालांभोदोज्वलांगं...

महालक्ष्मी के 11 नाम के साथ महालक्ष्मी अष्टकम

श्री महालक्ष्मी अष्टकम श्री गणेशाय नमः नमस्तेस्तु महामाये श्री पीठे सुर पूजिते!शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते!! नमस्तेतु गरुदारुढै कोलासुर भयंकरी!सर्वपाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!! सर्वज्ञे सर्व वरदे सर्व दुष्ट भयंकरी!सर्वदुख हरे देवी महालक्ष्मी...

अथ श्री-सूक्त मंत्र पाठ

धन की देवी माता महालक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहे तो, किसी भी शुक्रवार या दीवाली के रात में 11 बजे से लेकर 1 बजे के बीच में इस महालक्ष्मी स्त्रोत से करें विशेष यज्ञ। यज्ञ से पूर्व विधिवत माता महालक्ष्मी का आवाहन पूजन करें। पूजन के बाद एक बार इस स्त्रोत का पाठ करके ही...

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