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कुबेरकृत शिवस्तुति

धनद उवाचस्वामी त्वमेवास्य चराचरस्य, विश्वस्य शंभो न परोऽस्ति कश्चित्।त्वामप्यवज्ञाय यदीह मोहात्प्रगल्भते कोऽपि स शोच्य एव।।त्वमष्टमूर्त्या सकलं बिभर्षि, त्वदाज्ञया वर्तत एव सर्वम्।तथाऽपि वेदेति बुधे भवन्तं, न जात्वविद्धान्महिमा पुरातनम्।।मलप्रसूतं यदवोचदम्बा...

रुद्द्राष्टाध्यायी

।। हरिः ॐ ।।   ।। रुद्द्राष्टाध्यायी।।                   ।।  पञ्चमोध्यायः ।।                            ।। रुद्रसूक्त।।|| हरिः ॐ ||  नमस्ते रुद्द्र  मन्न्यव ऽउतो त ऽइषवे नमः ।  बाहुब्भ्यामुत ते नमः।।१ ।।या ते रुद्द्र शिवा तनूरघोराऽपापकाशिनी । तयानस्तन्न्वाशन्तमया...

शिव अभिषेक

शिवलिंग पर गंगा जल से अभिषेक करने से भौतिक सुख प्राप्त होता हैं एवं मनुष्य को मोक्ष कि प्राप्ति होती हैं।शिव पुराण के अनुशार शिवलिंग पर अन्न, फूल एवं विभिन्न वस्तुओं से जलाभिषेक कर मनुष्य के समस्त प्रकार के कष्टोका निवारण किया जासकता हैं।निम्न साधना शिव...

शिव उपासना

शास्त्रों के अनुसार शिव ही सांसारिक सुखों का आधार हैं। शिव उपासना तन, मन व धन से जुडी कामनाओं में आने वाली बाधाओं को भी दूर करती है। सांसारिक इच्छाओं का मूल है धन-धान्य और ऐश्वर्य भरा जीवन। हर व्यक्ति के मन में धन संपन्नता और भौतिक सुखों को बंटोरने का भाव आता है, जिसे...