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कुंभ विवाह

कुम्भ विवाह यह विधान इतना आसान नहीं होता इसके लिए सबसे पहले एक योग्य ज्ञानी कर्म कांड ज्ञाता पंडित की तलाश करनी होती है जो इसका पूर्ण विधान जानता हो जो बहुत मुश्किल से मिलते है अतः लोग प्रायः कुम्भ विवाह न करके पेड़ पौधे से विवाह कर इस दोष से बचने का उपाय कर लेते है...

*आदतें बदलें, जीवन बदलें*

*आदतें बदलें, जीवन बदलें**ज्योतिष* व सांईटिफिक सोच के अनुसार आपके यश व *सफलता के लिए नीचे लिखी नौ आदतें* आपके जीवन में अवश्य होनी चाहिये.*✒ आदत नम्बर 1…*अगर आपको कहीं पर भी *थूकने की आदत* है तो यह निश्चित है कि यदि आपको यश, सम्मान मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी...

नीव पूजन का रहस्य

नींव पूजन का पूरा कर्मकांड इस मनोवैज्ञानिक विश्वास पर आधारित है कि जैसे शेषनाग अपने फण पर संपूर्ण पृथ्वी को धारण किए हुए है, ठीक उसी प्रकार मेरे इस भवन की नींव भी प्रतिष्ठित किए हुए चांदी के नाग के फण पर पूर्ण मजबूती के साथ स्थापित रहे । शेषनाग क्षीरसागर में रहते हैं,...

अस्त ग्रहो का फल

अस्त ग्रहों के फल व उसके उपाय- ज्योतिष शास्त्र में अस्त ग्रह के परिणामों की विशद व्याख्या मिलती है। अस्तग्रहों के बारे में यह कहा जाता है : “ त्रीभिरस्तैर्भवेज्ज़डवत् ”, अर्थात् किसी जन्मपत्रिका में तीन ग्रहों के अस्त हो जाने पर व्यक्ति ज़ड पदार्थ के समान हो जाता है।...

राधा और रुक्मिणी में से लक्ष्मी कौन ?

राधा और रुक्मिणी में से लक्ष्मी कौन ? चराचर जगत में रुक्मिणी और राधा का संबंध श्रीकृष्ण से है। संसार रुक्मिणी जी को श्रीकृष्ण की पत्नी और राधा जी को श्रीकृष्ण की प्रेमिका के रूप में मानता है। आम जगत में रुक्मिणी और राधा की यही पहचान है परंतु क्या कभी आपके मन में यह...

पीपल और शनि

श्मशान में जब महर्षि दधीचि के मांसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था। तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग सहन नहीं कर पायीं और पास में ही स्थित विशाल पीपल वृक्ष के कोटर में 3 वर्ष के बालक को रख स्वयम् चिता में बैठकर सती हो गयीं। इस प्रकार महर्षि दधीचि और उनकी पत्नी का बलिदान...