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मूलांक अंक ज्योतिष

ΞΞΞΞΞΞΞ मूलांक:ΞΞΞΞΞΞΞअंक ज्योतिष का वर्तमान रूप पाश्चात्य सभ्यता की ही देन है, जिसके अनुसार मूलांक का आधार जन्म तारीख है। तारीख के अंकों को, एक से अधिक अंक होने पर, जोड़ कर मूलांक निकाला जाता है।मूलांक या जन्मांक जानने की विधि(1.) जिसका जन्म 1,10,19,28 को हुआ हो, उसका...

भौम प्रदोष

मंगलवार को प्रदोषकाल में त्रयोदशी तिथि हो तो उसे भौमप्रदोष कहा जाता है। भौमप्रदोष को ऋणमोचन कहा गया है। भौमप्रदोष को पार्थिव शिवलिङ्ग का पूजन, रुद्राभिषेक, सहस्त्रार्चन निश्चित ही ऋण मोचन है। इस दिन ऋणमोचनमङ्गलस्तोत्र का पाठ करना चाहिए। उज्जैन में मंगलनाथ और...

सूर्य के 21 नाम

१) विकर्तन ( विप्पतिओं को काटने तथा नष्ट करने वाले), २) विवस्वान (प्रकाश रूप), ३) मार्तंड (जिन्होंने अंड में बहुत दिनों निवास किया), ४) भास्कर , ५) रवि, ६) लोकप्रकाशक , ७) श्रीमान, ८) लोक चक्षु , ९) गृहेश्वर , १०) लोक साक्षी , ११) त्रिलोकेश , १२) कर्ता, १३) हर्ता ,...

सरस्वती स्तुति

स्मरण शक्ति प्राप्त करने के लिए याज्ञवल्क्य द्वारा रचित भगवती सरस्वती की स्तुति याज्ञवल्क्य उवाच ।कृपां कुरु जगन्मातर्मामेवं हततेजसम् ।गुरुशापात्स्मृतिभ्रष्टं विद्याहीनं च दुःखितम् ॥ ६॥ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते ।प्रतिष्ठां कवितां देहि शाक्तं...

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्।अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुतेगिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृतेजय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १ ॥सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि...