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*श्री रुद्रम नामकम

*श्री रुद्रम नामकम*कृष्ण यजुर्वेदीय तैत्तिरीय संहिताचतुर्थं वैश्वदेवं काण्डम् पञ्चमः प्रपाठकःॐ नमो भगवते॑ रुद्राय ॥नम॑स्ते रुद्र म॒न्यव॑ उ॒तोत॒ इष॑वे॒ नमः॑ । नम॑स्ते अस्तु॒ धन्व॑ने बा॒हुभ्या॑मु॒त ते॒ नमः॑ । या त॒ इषुः॑ शि॒वत॑मा शि॒वं ब॒भूव॑ ते॒ धनुः॑ । शि॒वा श॑र॒व्या॑...

श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् से दूर होता है बांझपन

श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् से दूर होता है बांझपनकहा जाता है श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम् एक ऐसा मंत्र है जिसमें भगवान विष्णु के हजारों नाम शामिल हैं. ऐसे में विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्रम्र का जाप करने से लोग भगवान विष्णु के हजारों नाम का जाप एक साथ कर सकते हैं और यह...

तुलसी नामाष्टक

तुलसी विष्णु प्रिया हैं। कार्तिक में तो तुलसी पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। अगर कोई अपने मन की बात, भगवान को सीधे न कह सके, तो वह तुलसी के माध्यम से अपनी बात, भगवान तक पहुंचा सकता है। भगवान कृष्ण भी किसी की बात सुनें या न सुनें, लेकिन तुलसी जी की बात, हर हाल में...

भैया दूज

*भैया दूज *पौराणिक मान्यता के अनुसार, भाई दूज की कथा सूर्य देव और छाया के पुत्र यमराज और पुत्री यमुना पर आधारित है. यमुना अपने भाई यमराज से बहुत बार प्रेमपूर्वक निवेदन करती थी कि वह उसके घर आकर भोजन ग्रहण करें. परंतु यमराज अपनी व्यस्तता के चलते यमुना के घर नहीं जा...

लक्ष्मी जी की पूजा

माता लक्ष्मी की सामान्य पूजा उपचारों गंध, अक्षत, फूल, फल अर्पित कर धूप और घी का दीप (घी का दीपक पूरी रात जल सके) लगाने के बाद लक्ष्मी स्तुति का पाठ करें। माँ लक्ष्मी को बताशा, पान, मखाना या मखाने की खीर, सिंगाड़ा फल जरूर अर्पित करें। बाद में स्वयं भी प्रसाद रूप में...