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AstroShaliini

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ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि

मित्रों, तारीख 14 जून 2026 दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है।। आज ही श्राद्ध आदि की अमावस्या भी है। आज चतुर्दशी तिथि में यदि श्राद्ध की अमावस्या मनाने….. का योग हो तो ऐसे समय में पितृदोष की शान्ति कर्म करवाने से सम्पूर्ण रूप से लाभ होता ही...

होलाष्टक क्या होते हैं ? होलाष्टक किसे कहते हैं।

होलाष्टक क्या होते हैं ? होलाष्टक किसे कहते हैं।💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐,💐💐💐💐💐💐💐💐होली हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योंहार है।फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। इस साल होलाष्टक की शुरुआत 7 मार्च 2025 से हो रही है। इस बार सात मार्च से...

मारक ग्रह (शत्रु ग्रह) के उपाय

मारक ग्रह (शत्रु ग्रह) के उपाय उपाय के चार प्रकार होते हैं |१. जल प्रवाह करना२. दान करना३. रत्न धारण करना४. पाठ पूजन करना कुंडली का पूरी तरह विवेचन करने के बाद ही यह पता लगाया जा सकता है कि किस ग्रह का दान करना है I किस का रत्न धारण करना है और किस ग्रह का पाठ पूजन एवं...

आपको किस क्षेत्र में जाना चाहिए? मूलांक के अनुसार चुनें अपना करियर, खूब मिलेगी तरक्की🌹

🌹आपको किस क्षेत्र में जाना चाहिए? मूलांक के अनुसार चुनें अपना करियर, खूब मिलेगी तरक्की🌹💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐🔮हर व्यक्ति के जीवन में करियर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सही करियर का चयन सफलता और संतुष्टि दोनों के लिए आवश्यक होता है. लेकिन कई बार यह निर्णय लेना कठिन हो जाता है...

ज्योतिष में रत्न क्यों पहनते है इनसे क्या होता है आईए जानते है

ज्योतिष में रत्न क्यों पहनते है इनसे क्या होता है आईए जानते है ज्योतिष में किसी भी ग्रह की ताकत को बढ़ाने के लिए हम रत्न का सहारा लेते है कुछ लोग यह मानते है रत्न पहनने से भाग्य बदल जाता है पर ऐसा कुछ भी नही है यह कोई अलादिन का चिराग नही है कि आपने घिसा कोई जिन्न बाहर...

मान सम्मान प्रतिष्ठा

🌹इन ज्योतिष उपायों को करने से समाज में बढ़ेगा मान-सम्मान और रुतवा, एकबार शुरू करके तो देखें🌹💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐⭕धर्म शास्त्रों के अनुसार मान-सम्मान और यश-कीर्ति की वृद्धि के लिए पश्चिम दिशा में पूजा, नहाने के पानी में हल्दी-नमक, तांबे के बर्तन में जल, दुर्गा सप्तशती का पाठ...

राहु और रोग

किसी भी रोग से मुक्ति #रोगकारक ग्रह की दशा अर्न्तदशा की समाप्ति के पश्चात ही प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त यदि कुंडली में लग्नेश की दशा अर्न्तदशा प्रारम्भ हो जाए, योगकारक ग्रह की दशा अर्न्तदशा-प्रत्यर्न्तदशा प्रारम्भ हो जाए, तो रोग से छुटकारा प्राप्त होने की स्थिति...

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