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AstroShaliini

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ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि

मित्रों, तारीख 14 जून 2026 दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है।। आज ही श्राद्ध आदि की अमावस्या भी है। आज चतुर्दशी तिथि में यदि श्राद्ध की अमावस्या मनाने….. का योग हो तो ऐसे समय में पितृदोष की शान्ति कर्म करवाने से सम्पूर्ण रूप से लाभ होता ही...

आने वाला वर्ष 2023 (2+0+2+3=7) 7

आने वाला वर्ष 2023 (2+0+2+3=7) 7 अंक केतु का प्रतिनिधत्व करता है | केतु जो मोक्ष कारक ग्रह माना गया है | केतु नर सन्तान का कारक है, दलाली के कामों का कारक है , शरीर के जोड़ और कान का कारक हैजो इस वर्ष का पूरी शक्ति आपके लिए स्पंदित करेगा | आप के लंबित कार्य अचानक पुरे...

चंद्रमा और ज्योतिष

चंद्रमा और ज्योतिष=^=========^=ज्योतिष मे चंद्र को माँ का कारक कहा गया है ।चन्द्रमा के अधिदेवता भी शिव हैं ।चन्द्रमा मां का सूचक है और मन का कारक है. इसकी राशि कर्क है. कुंडली में चंद्र अशुभ होने पर माता को किसी भी प्रकार का कष्ट या स्वास्थ्य को खतरा होता है, दूध देने...

संपत्ति

किसी व्यक्ति की संपत्ति का विश्लेषण करने के लिए कुंडली के चतुर्थ भाव का अध्ययन किया जाता है। चतुर्थ भाव अचल और चल संपत्तियों का मुख्य भाव है। इसी भाव से संपत्ति की खरीद और बिक्री दोनों को देखा जा सकता है। पाराशर होरा शास्त्र को वैदिक ज्योतिष की भागवत गीता माना जाता है...

कालसर्प

।। जय श्री महाकाल ।। अक्सर लोग राहु या केतु से डरे रहते हैं। राहु और केतु के कारण ही कालसर्प दोष निर्मित होता है। पुराणों अनुसार पितृदोष या प्रारब्ध के कारण कालसर्प योग बनता है। कालसर्प योग भी मुख्यत: 12 तरह के माने गए हैं। राहु का नकारात्क प्रभाव :काला जादू, तंत्र,...

जीवनसाथीकाअफेयरहैयानही

|#जीवनसाथीकाअफेयरहैयानही?| आपका जीवनसाथी किसी के साथ Extra Marrital Affair में रहता है जिस कारण आपका वैवाहीक जीवन दिक्कत में चल रहा है तब इसका सीधा मतलब है आपकी कुंडली का 7वा भाव पाप ग्रहो से पीड़ित है और आपके जीवनसाथी की कुंडली मे Extra Martial Affair योग बने हुए है...

Gulik गुलिक

यदि गुलिक लग्न में है तो जातक/जातिका क्रूर किंतु भीरु स्वभाव, चोर, विनय रहित, इकहरा बदन (रुग्यता को छोड़कर), नेत्र विकार, अल्प संतति, अल्प बुद्धि, अल्पायु, वेद शास्त्र विरुद्ध, क्रोधी व मूर्ख होता है। - यदि गुलिक दूसरे भाव में है तो कलही, धन धान्य की कमी रहे, परदेश...

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