श्रावण मास में शिव के डमरू से प्राप्त 14 सूत्रों को एक श्वास में बोलने का अभ्यास किया जाता है। यह मंत्र कई बीमारियों का इलाज कर सकते हैं तथा कोई भी कार्य सिद्ध कर सकते हैं। इनकी एक माला (108 मंत्र) का जप आज जरूर करें। अच्छा रहेगा प्रतिदिन करें।शिवसूत्र रूप मंत्र”अ इ उ ण्, ॠ ॡ क्, ए ओ ङ्, ऐ औ च्, ह य व र ट्, ल ण्, ञ म ङ ण न म्, झ भ ञ्, घ ढ ध ष्, ज ब ग ड द श्, ख फ छ ठ थ च ट त व्, क प य्, श ष स र्, ह ल्।
कुछ और विशेष उपाय :
आज शमी के वृक्ष रोपित करें। शनि से सम्बंधित सभी समस्याएं दूर होंगी। आज भगवान शिव को शमी का पुष्प जरूर अर्पित करें। अनुभव कहता है अगर मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में जातक का जन्म हुआ हो तो शनि की दशा कष्टकारक होती है। आज डमरू बजाते हुए शिव ताण्डव स्तोत्र का पाठ जरूर करें। आज श्री नटराज स्तुति जरूर पढ़ें। अगर आपकी कुंडली में मंगल नीच राशि में है तो श्रावण में प्रत्येक दिन शिवलिंग पर शहद तथा गुलाबजल अर्पित करें। हो सके तो एक बार किसी ब्लड बैंक को अथवा जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त दान करें। कहते हैं धनिष्ठा में दो गायों का दान करने से रोग शांति व जन्माे तक सुख की प्राप्ति भी होती है।
आचार्य शालिनी मल्होत्रा
9910057645
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