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*संतान प्राप्ति के लिए उपाय*

विवाह पश्चात सभी गृहस्थ दंपति की यह चिर-अभिलाषा रहती है कि उनके यहां सुसंतति का जन्म हो। उन्हें सृजन का सौभाग्य प्राप्त हो तथा सांसारिक जीवन में माता-पिता होने का गौरव प्राप्त हो। आचार-शास्त्र के प्रणेता महाराज मनु ने भी संतान प्राप्ति की इच्छा को तीन नैसर्गिक इच्छाओं में से एक माना है तथा संतान प्राप्ति को पूर्व जन्मों के कर्मों का सुफल माना है। नि:संतान होना किसी दंपति के लिए अपार मानसिक पीड़ा का कारण बन जाता है। होता यह है कि कई बार बात बनते-बनते बिगड़ जाती है। ऐसे में जरूरत होती है किसी सहारे की। ईश्वर अनुग्रह, गुरु कृपा, तंत्र-मंत्र-यंत्र के प्रयोग, कोई अनुष्ठान या व्रत-उपवास, ये ऐसे ही सहारे हैं जो मंजिल के करीब पहुंची गाड़ी को धकेल कर मंजिल तक पहुंचा देते हैं। आईए जानतें है एसे ही कुछ सरल उपाय, जिससे संतान प्राप्ति का सुख मिल सकता है।

 

 

 

*संतान प्राप्ति के लिए किसी बालक के पहली बार टूटे हुए दूध के दांत को लेकर, जो स्त्री इसे श्वेत वस्त्र में लपेट कर बाईं भुजा से बांधती है उसे संतान प्राप्ति के योग बनते हैं। मनोकामना पूर्ण होने तक प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व बाल-कृष्ण का 15 मिनट तक नियमित ध्यान अनिवार्य है।

 

*जब संतान प्राप्ति के सारे उपाय असफल हो जाये, तो तत्काल फल देने वाली यह साधना अवश्य करें, इससे लाभ प्राप्त होगा। वैष्णों देवी जायें और अर्धकुंवारी गुफा के अंदर बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जाप करें।

 

मंत्र- ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।

 

*किसी भी गुरूवार को पीले धागे में पीसी कौड़ी को कमर पर बांधने से संतान प्राप्ति का प्रबल योग बनता है।

 

*रविवार को छोड़ कर अन्य सभी दिन निसंतान स्त्रियां यदि पीपल पर दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करते हुए संतान प्राप्ति की प्राथना करें तो अवश्य उनकी इच्छा पूरी होती है।

 

*संतान प्राप्ति के लिए दंपति को अपने घर में नवग्रह शांति पाठ भी अवश्य करवाना चाहिए, इससे सारे दोष नष्ट हो जाएगें।

 

*इच्छित संतान की प्राप्ति के लिए गोपाल यंत्र को अपने घर के पूजा स्थान पर स्थापित करें लेकिन ध्यान रहे कि इस यंत्र का स्थापन करने से पहले इसका विधीवत पंचोपचार पूजन करें। एक रुद्राक्ष की माला को गले में धारण करें, माला से रोजाना इस मंत्र का जाप करें।

 

मंत्र- देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।

 

*9 वर्ष से कम आयु की कन्याओं के चरण छुने से शीघ्र ही संतान की प्राप्ति होती है।

 

*संतान प्रप्ति के लिए दंपति शिव भगवान का अभिषेक करने से शंकर प्रसन्न हो सुसंतति प्राप्ति का आशीष देते हैं।